सत्य तो सत्य है, वह भला किसी के मत की कहाँ परवाह करता है?


सत्य तो सत्य है, वह भला किसी के मत की कहाँ परवाह करता है?

सत्य तो सत्य है…
..जानकर भी कहते हैं कि, असत्य के अलावा कोई पातक नहीं है, सत्य के अलावा कोई सुकृत नहीं है लेकिन क्या आज वर्तमान परिपेक्ष्य में भी सत्य प्रासंगिक है? ..यह प्रश्न सुनकर सत्य मेरी मूढ़ता पर अट्टहास कर रहा होगा. क्योंकि सत्य स्वयं की महिमा को जानता है, खुद की प्रकृति को पहचानता है, शायद तभी बार-बार कहता है, ‘मैं अर्थात सत्य निश्चल हूं, निष्कपट हूं, राग-द्वेष से सर्वथा मुक्त हूँ.. अब, भला क्या फर्क पड़ता है कि आपका मेरे बारे में दृष्टिकोण क्या है? ..किसी जाति, धर्म, संप्रदाय विशेष के व्यक्तिगत मतों से प्रभावित हुए बगैर मैं अपनी प्रकृति को संजो रहा हूं, आगे बढ़ रहा हूँ.’

लेकिन विचारणीय तथ्य यह है कि, आखिर वह क्या है जो असत्य को बढ़ावा दे रहा है? कहीं ऐसा तो नहीं कि, हम सब मिलकर असत्य को बढ़ावा दे रहे हो? ..चूँकि सत्य की राह कंटकाकीर्ण है वहीं दूसरी ओर असत्य द्वारा बुना गया छद्म-जाल हमें आकर्षित कर रहा है और तंज कसते हुए कहता है, ‘तुम बड़े भोले हो, कहाँ सत्यवादिता के कोरे आदर्श में फंसे हो? ..बी-प्रैक्टिकल, लाइफ ऐसे ही आगे बढ़ती है!’ अब हमारे चित्त में ‘बी-प्रैक्टिकल’ के विचार ने गहरा प्रभाव डाला और हमारे मन को मजबूर किया कि, असत्य द्वारा बुने गए छद्म-जाल में ही हमारा मन स्वर्ग की अनुभूति करने लगे.

अब क्या इसका अर्थ यह हुआ कि सत्य कमजोर है?

..नहीं, बिल्कुल भी नहीं! सत्य सूर्य की पहली किरण के समान है जो असत्य रूपी अमावस्या की काली अंधेरी रात के पश्चात चारों-ओर उजाला बिखेरती है. अर्थात जीवन में सत्य उस अंधेरे को हमेशा-हमेशा के लिए मिटा देता है जो वर्षो से हमारे नैतिक-वैचारिक ह्वास का कारण बन रहा था. असत्य पानी के बुलबुले के समान क्षणिक है, क्षणभंगुर है जो समय के चक्र में फँसकर एक ना एक दिन अपने वीभत्स रूप में सबके सामने आ ही जाता है लेकिन सत्य चिर-स्थाई है, निरंतर है, दीर्घकालिक है.

अतः सत्य स्वतः स्थापित, नैसर्गिक एवं प्राकृतिक किला है जिसमें संभवतः असत्य का तूफान हलचल पैदा कर सकता है लेकिन सत्य का बाल भी बांका नहीं कर सकता. इसीलिए ठीक ही कहा गया है कि, सत्य तो सत्य है.

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12 thoughts on “सत्य तो सत्य है, वह भला किसी के मत की कहाँ परवाह करता है?”

  1. Harshita soni says:

    Superb article 🤩🤩
    Like it very much 😊

  2. Utkarsh tiwari says:

    सत्य ही परमार्थ है,सत्य ही यथार्थ है

  3. Kanchan patel says:

    To good yogi♥️♥️♥️♥️♥️

  4. Anonymous says:

    Very impressive🌻🌻🌻

  5. Anonymous says:

    शानदार 👌👌👌
    Keep it up!

  6. Shivam says:

    शानदार👌👌

  7. Anonymous says:

    This is so beautifully written yogi 😍😍😍😍😍

  8. Sohan says:

    yogita your thoughts is great 😃

  9. Prerna says:

    it has Very deep meanings 💜well done girl 🤗

  10. सुमित शुक्ला says:

    सत्यमेव जयते ….
    लोकप्रिय विचार ।

  11. Naval says:

    सत्य को कितनी सरलता से प्रकट करदिया तुमने ❤

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